कंगकांग टेम्पल इंडोनेशिया


यह सनातन है
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जी हां ये सनातन है जिसका की अंत नही जितना आप खोजो उतना ही मिलेगा जिसकी कोई अंत नही। युगों युगों से चली आ रही संस्कृति जो पुरे  विश्व मे फैला था आज किसी न किसी कारण से गौण होता हुआ दिखता है  क्योंकि उदारता ही इसधर्म कि प्रमुखता रही जिसका और लोगो ने फायदा उठाया ।

ये मंदिर "एंड्रेसाइट स्टोन्स"(Andecite stone)से बना है बस कल्पना करें कि हम एक ऐसी सभ्यता हैं जिसने उन लोगों को प्रेरित किया है जो हमसे बहुत दूर हैं।

ये जानकर भी हम हमारी धरोहर को संरक्षित नहीं कर पा रहे हैं I

यह 7 वीं शताब्दी का हिन्दू "कंगकांग" मंदिर है जो इंडोनेशिया में प्रभु शिव को समर्पित है II

https://en.m.Wikipedia.org/wiki/Candi_Cangkuang

#धीरेन्द्र जी के लेख से
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राजा पेरुमल मक्का गये और वही ईस्लाम कबूल करे इसका कोई पुख्ता प्रमाण ईतिहासकारो के पास नही है। कुछ मुस्लिम लेखक के अनुसार मक्का से लौटते समय उनका देहांत होगया मरने से पहले उन्होंने एक खत के जरिए ईस्लाम कुबूल की बात अपने राज्य के अधिकारियो को भेजा और मस्जिद स्थापना की बात कही और बनाया गया केरल का पहला मस्जिद केवल एक खत के सहारे। कुछ हिन्दूयो को अब भी संदेह है राजा पेरुमल को काफिर समझकर मार दिया गया था फिर उनकी झूठी फरमान लेकर भारत में आये और मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाया गया। अलतकिया (छद्म मित्रता ) के सहारे इस्लाम की शुरुआत हो गई दक्षिण भारत के केरल में। हजारो हिन्दूयो का धर्म परिवर्तन कराया गया उसके बाद। ये सच्ची ईतिहास तोड़ मड़ोर कर राजा पेरुमल को वदनाम कर दिया जो जिंदा भारत बापस ही नही आ पाये।