सर्वतीर्थमयी माता सर्वदेवमय पिता 🙏

श्लोक-
पद्मपुराण सृष्टिखंड (47/11) में कहा गया है-

सर्वतीर्थमयी माता सर्वदेवमय: पिता।
मातरं पितरं तस्मात् सर्वयत्नेन पूजयेत्।।

अर्थात: माता सर्वतीर्थ मयी और पिता सम्पूर्ण देवताओं का स्वरूप हैं इसलिए सभी प्रकार से यत्नपूर्वक माता-पिता का पूजन करना चाहिए।

जो माता-पिता की प्रदक्षिणा करता है, उसके द्वारा सातों द्वीपों से युक्त पृथ्वी की परिक्रमा हो जाती है। माता-पिता अपनी संतान के लिए जो क्लेश सहन करते हैं, उसके बदले पुत्र यदि सौ वर्ष माता-पिता की सेवा करे, तब भी वह इनसे उऋण नहीं हो सकता।

ऐसा मनोरम दृश्य केवल भारत में देखने को  मिलता है ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

कोई कमेंट  न करे केवल माता पिता  के  छवि भेजे।🙏

#कृष्णप्रिया

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राजा पेरुमल मक्का गये और वही ईस्लाम कबूल करे इसका कोई पुख्ता प्रमाण ईतिहासकारो के पास नही है। कुछ मुस्लिम लेखक के अनुसार मक्का से लौटते समय उनका देहांत होगया मरने से पहले उन्होंने एक खत के जरिए ईस्लाम कुबूल की बात अपने राज्य के अधिकारियो को भेजा और मस्जिद स्थापना की बात कही और बनाया गया केरल का पहला मस्जिद केवल एक खत के सहारे। कुछ हिन्दूयो को अब भी संदेह है राजा पेरुमल को काफिर समझकर मार दिया गया था फिर उनकी झूठी फरमान लेकर भारत में आये और मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाया गया। अलतकिया (छद्म मित्रता ) के सहारे इस्लाम की शुरुआत हो गई दक्षिण भारत के केरल में। हजारो हिन्दूयो का धर्म परिवर्तन कराया गया उसके बाद। ये सच्ची ईतिहास तोड़ मड़ोर कर राजा पेरुमल को वदनाम कर दिया जो जिंदा भारत बापस ही नही आ पाये।