अग्नि में भी रह सकते है जीव

प्राचीन ऋषि-महर्षि प्राणी को उपस्थिति के अनुसार पांच प्रकार के वताये।

1) पार्थिव।
2)वायवीय।
3)जलीय।
4)आग्नेय।
5)आकाशीय।

आधुनिक विज्ञान वस जलीय प्राणी तक पंहुच पाए है।
अग्नि मे जो प्राण है उसपर रिसर्च नही हुआ पर वैज्ञानिको का मानना है की कुछ सुक्ष्म वेक्टेरिया(फायर वेक्टेरिया) अग्नि में भी जीवित रह सकते है ।
आकाशीय परग्रही है की नही इसका खुलासा नही पाया ।

#कृष्णप्रिया

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राजा पेरुमल मक्का गये और वही ईस्लाम कबूल करे इसका कोई पुख्ता प्रमाण ईतिहासकारो के पास नही है। कुछ मुस्लिम लेखक के अनुसार मक्का से लौटते समय उनका देहांत होगया मरने से पहले उन्होंने एक खत के जरिए ईस्लाम कुबूल की बात अपने राज्य के अधिकारियो को भेजा और मस्जिद स्थापना की बात कही और बनाया गया केरल का पहला मस्जिद केवल एक खत के सहारे। कुछ हिन्दूयो को अब भी संदेह है राजा पेरुमल को काफिर समझकर मार दिया गया था फिर उनकी झूठी फरमान लेकर भारत में आये और मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाया गया। अलतकिया (छद्म मित्रता ) के सहारे इस्लाम की शुरुआत हो गई दक्षिण भारत के केरल में। हजारो हिन्दूयो का धर्म परिवर्तन कराया गया उसके बाद। ये सच्ची ईतिहास तोड़ मड़ोर कर राजा पेरुमल को वदनाम कर दिया जो जिंदा भारत बापस ही नही आ पाये।