केंसर का उपचार सदापुप्षा के पत्तिया

Vincristine and vinblastine are alkaloid  of periwinkle tree can treat cancer. (Indian Ayurveda)

ये सदाबहार पुष्ष के बृक्ष है। इससे विंकिट्रिन नामक औषधि मिलती है प्राचीन आयुर्वेद में इसको कर्क रोगो के उपचार के रुप में प्रयोग होता था।
चरक संहिता में इसका नाम सदापुप्षी है। इसका प्रयोग कर्क रोग से मुक्त करते है। हां विल्कुल ठीक सुना आपने कर्क जैसे प्राणघातक रोग से मुक्त करती है ।

वैज्ञानिक इसपर रिसर्च कर रहे है और इसे इससे बनी दवाई को उस कम्पनी का नाम भी प्रदान किया जायेगा जो इस में मौजूद कैमिकल को निकाल कर दवाई तैयार करेगा। दो दिन बाद एलोपैथी डॉक्टर इसको एलोपैथी दबा बतायेंगे और महर्षि चरक एवं उनके पौधा सदापुप्षाी का नाम कही खो जाएगा।

https://www.google.com/amp/s/www.medicalnewstoday.com/articles/amp/321726

फिर यही लोग आयुर्वेद का मजाक उड़ाने का काम करेंगे।

पर ये दुखद सच है । आजकल लीच थेरपी जो आमेरिका में प्रसिद्ध हो रही है और बड़े बड़े अल्सर को ठीक कर रहे है वीना सर्जरी के, वो कभी हमारे सुश्रुत जी के ग्रंथ में जलोका( जोंक) चिकित्सा पद्धति था।भारतीय आंचलिक चिकित्सा पद्धति के रुप में विदेशीयो ने चुराया था।

खैर बात हो रही थी सदापुप्षाी बृक्ष के बारे में । रोजाना दो पत्ते मधु के साथ खाने पर कैंसर जैसे विमारी से दुर रहिये। ये धीरे धीरे आपके शरीर प्रतिरोधक प्रस्तुत करते है यही कारण है कि इसका सार रक्त से मिलकर ही काम करते है।
और अगर कैंसर पहले स्टेज हो तो 20 पत्ते को रोजाना उवाल कर उसे छानकर उसके पानी को पिलाना होगा।

लास्ट स्टेज हो तो उसे भगवान भी नही वचा सकते डॉक्टर तो दुर की बात है।

 शुद्ध भोजन और नियंत्रित जीवनशैली से जीवन मंगलमय बनाये🙏

#कृष्णप्रिया

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